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पत्नी खुद कमाती है 1.5 लाख रुपए, तलाक के बाद पति से मांगी मोटी रकम, कोर्ट ने कर दिया मना

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Posted On:Wednesday, May 6, 2026

कर्नाटक हाई कोर्ट ने हाल ही में वैवाहिक विवादों और गुजारा भत्ता (Maintenance) से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण कानूनी टिप्पणी की है। अदालत ने एक पत्नी की उस अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपने पति से मिलने वाले गुजारा भत्ते की राशि में बढ़ोतरी की मांग की थी। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यदि पत्नी आर्थिक रूप से सक्षम है और पति बेरोजगार है, तो केवल पुश्तैनी संपत्ति के आधार पर गुजारा भत्ता नहीं बढ़ाया जा सकता।

मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि महिला प्रति माह 1.5 लाख रुपये से अधिक का वेतन प्राप्त कर रही है। पत्नी की दलील थी कि उसका पति पुश्तैनी जमीन-जायदाद का मालिक है और वह अपनी असल संपत्ति कोर्ट से छिपा रहा है। हालांकि, हाई कोर्ट ने पाया कि पुश्तैनी संपत्ति में पति का हिस्सा अभी कानूनी रूप से तय होना बाकी है, इसलिए उसे वर्तमान आय का स्रोत नहीं माना जा सकता।

अदालत ने पति के वकील की उस दलील को भी दर्ज किया जिसमें बताया गया कि पति का स्कूल बंद होने के कारण वह बेरोजगार हो चुका है। हालांकि, कोर्ट ने पति को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी। जज ने टिप्पणी की कि पति ने अपनी एक एकड़ जमीन गिरवी रखकर 4.5 लाख रुपये का इंतजाम किया था, जिससे यह साबित होता है कि वह गुजारा भत्ता देने में पूरी तरह असमर्थ नहीं है, बल्कि वह जानबूझकर आदेश का पालन करने से बच रहा है। फिर भी, पत्नी की उच्च आय और उसके कानूनी खर्चों को वहन करने की क्षमता को देखते हुए, कोर्ट ने भत्ता बढ़ाने की मांग को अनुचित माना।


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