ताजा खबर
तेल की जंग में तेहरान की ललकार! प्रतिबंधों पर दी बड़ी धमकी; ‘ईरानी तेल रुका तो दुनिया को भुगतने होंग...   ||    IPL 2026: स्टार गेंदबाजों से सजी मुंबई इंडियंस की 'पेस बैटरी' हुई फेल, आंकड़ों में सबसे फिसड्डी   ||    विशाल भारद्वाज ने जयदीप अहलावत को बताया “आज का सबसे बेहतरीन एक्टर, इवेंट में हुआ बड़ा खुलासा   ||    अजय देवगन का इमोशनल पोस्ट वायरल: बेटी न्यासा देवगन को जन्मदिन की बधाई दी   ||    WWE WrestleMania 42 नाइट-2: रोमन रेंस बने नए वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन; ब्रॉक लैसनर ने संन्यास के दिए स...   ||    ‘राजा शिवाजी’ फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ हुआ   ||    कूटनीति पर मंडराया खतरा: ईरान ने अमेरिका पर लगाया 'विश्वासघात' का आरोप, पाकिस्तान की शांति पहल के बी...   ||    अनिल कपूर स्टारर 24 के नए सीजन का ट्रेलर रिलीज़ हुआ   ||    पति पत्नी और वो 2 टीज़र रिलीज़   ||    ट्रंप की कनाडा को सीधी चेतावनी: 'चीन से ट्रेड डील की तो लगेगा 100% टैरिफ', व्यापार युद्ध की आहट से व...   ||   

जमीयत भी UCC के खिलाफ, कहा हमारा पर्सनल लॉ कुरान और सुन्नत पर आधारित है, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Thursday, July 6, 2023

मुंबई, 06 जुलाई, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बाद देश की एक और प्रमुख मुस्लिम संस्था जमीयत उलेमा-ए-हिंद भी UCC के विरोध में आ गई है। लॉ कमीशन को दिए अपने सुझाव में जमीयत ने कहा है कि वह समान नागरिक संहिता के खिलाफ है, क्योंकि यह धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है, जिसे संविधान के तहत गारंटी दी गई है। जमीयत ने 22वें विधि आयोग को भेजी गई आपत्तियों का सारांश शेयर किया, जिसमें जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा है कि UCC पर बहस शुरू करना एक राजनीतिक साजिश है। वहीं, नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा है कि UCC से किसका फायदा होगा। सरकार जिस तरह देश चलाना चाहती है, वह गलत है।

मदनी ने लॉ कमीशन को लिखे पत्र में कहा है कि यह मुद्दा सिर्फ मुस्लिमों से ही नहीं, बल्कि सभी भारतीयों से जुड़ा हुआ है। वह यह भी बताते हैं कि मुसलमान समुदाय अपने धर्म का पालन स्वतंत्र रूप से कर रहे हैं और वे किसी भी तरह से धार्मिक मामलों और पूजा पद्धति पर समझौता नहीं करेंगे। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से यह भी कहा गया है कि कोई भी फैसला नागरिकों पर थोपा नहीं जाना चाहिए और उन्हें निर्णय लेने से पहले आम सहमति बनाने की कोशिश की जानी चाहिए। इसके लिए सरकार को देश के सभी धर्मों के नेताओं और सामाजिक एवं आदिवासी समुदायों से सलाह और उन्हें विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा की यहां तक कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद दावा करते हैं कि उनका पर्सनल लॉ कुरान और सुन्नत पर आधारित है और उसमें कयामत के दिन तक कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। वे यह स्पष्ट करते हैं कि इसका मतलब यह नहीं है कि वे असंवैधानिक बात कर रहे हैं, लेकिन संविधान द्वारा उन्हें इसकी आजादी दी गई है।


मुज़फ़्फ़रपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. muzaffarpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.