ताजा खबर
ये प्रेम मोल लिया का सांग सावन आया है वायरल हुआ   ||    तब्बू के जन्मदिन पर मिला फैंस को खास तोहफा, किंग 100 से महारानी झांसी के दमदार अवतार में आईं नजर   ||    कनिका कपूर ने बताई दूसरी शादी टूटने की वजह, बोलीं मेरी जिंदगी में कोई तीसरा शख्स नहीं है   ||    सलमान खान के स्वैग से लेकर मृणाल ठाकुर की खूबसूरती तक, रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी में सितारों का ल...   ||    सलमान खान का नया गाना तेरी सेक्सी ब्यूटी रिलीज, दो पेग और सुबह की फ्लाइट वाले ट्वीट ने फैंस को किया ...   ||    बोरीवली बस डिपो विवाद: बीएमसी, कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप   ||    अमेरिकी मिडटर्म चुनाव और ट्रंप की पार्टी को झटका: राजनीतिक समीकरणों में बदलाव   ||    Gold Price Outlook: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में नरमी, खरीदारों के लिए क्या हैं संकेत?   ||    मुकेश अंबानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति: झांग यिमिंग और अडानी को पीछे छोड़ा   ||    SBI रिसर्च: LTCG टैक्स हटाने से सरकारी राजस्व पर असर का विश्लेषण   ||   

संत गजानन महाराज की पालखी पंढरपुर वारी के लिए रवाना: शेगांव में उमड़ा आस्था का सैलाब, 700 वारकरी 33 दिनों में तय करेंगे सफर

Photo Source :

Posted On:Monday, June 22, 2026

महाराष्ट्र की पावन भूमि एक बार फिर विठ्ठल नाम के जयघोष और भक्ति के कड़े कूटनीतिक रंगों में सराबोर हो गई है। सुप्रसिद्ध संत गजानन महाराज संस्थान की पारंपरिक 'माउली' पालखी रविवार की अलसुबह पंढरपुर में आयोजित होने वाली आषाढ़ी एकादशी वारी के कूटनीतिक सफर के लिए शेगांव से विधिक रूप से प्रस्थान कर चुकी है। परंपरा के कड़े मानकों का पालन करते हुए सुबह ठीक सात बजे पालखी को भव्य समारोह के साथ विदा किया गया। इस ऐतिहासिक और विलेख पल के साक्षी बनने के लिए शेगांव की सड़कों पर हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा परिसर 'गण गण गणात बोते' के विखंडन उद्घोष से गूंज उठा।

संत गजानन महाराज संस्थान की इस कूटनीतिक महायात्रा की यह लगातार 57वीं ऐतिहासिक भागीदारी है, जो इसकी अटूट धार्मिक निरंतरता को दर्शाती है। इस वर्ष की 33 दिवसीय कठिन पदयात्रा में लगभग 700 चयनित वारकरी पूरे कड़े अनुशासन और विलेख श्रद्धा के साथ पैदल सफर कर रहे हैं। अनुशासन की कूटनीतिक मिसाल पेश करने वाली यह पालखी विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए आगामी 23 जुलाई को पंढरपुर की पवित्र धरती पर पहुंचेगी। इसके बाद यह दल 28 जुलाई तक वहीं वास करेगा और आषाढ़ी एकादशी के विखंडन महापूजा अनुष्ठान में विधिक रूप से सम्मिलित होगा। स्थानीय प्रशासन ने वारकरियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कड़े लॉजिस्टिक प्रबंध किए हैं।


मुज़फ़्फ़रपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. muzaffarpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.