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तेजस्वी का बड़ा आरोप: "दबाव में दिल्ली भेजे गए नीतीश, बिहार के जनादेश का अपमान"

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Posted On:Saturday, April 11, 2026

बिहार की राजनीति में मचे उथल-पुथल के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने पर कड़ा प्रहार किया है। शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी ने दावा किया कि नीतीश कुमार ने अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि भाजपा के भारी 'दबाव' में आकर मुख्यमंत्री पद छोड़ने और दिल्ली जाने का फैसला किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय बताते हुए कहा कि बिहार में जनता के जनादेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

दबाव की राजनीति और अपमान का आरोप तेजस्वी यादव ने भावुक होते हुए कहा, "मैंने चुनावों के दौरान ही भविष्यवाणी की थी कि इन्हें (नीतीश कुमार) चैन से रहने नहीं दिया जाएगा। आज उनकी हालत ऐसी है कि कोई उनका हाथ झटक देता है तो कोई कुर्ता खींचता है। सदन में बोलते समय माइक बंद कर दिया जाता है। यह महज एक औपचारिकता है, वे जाना नहीं चाहते थे, लेकिन उन्हें मजबूर किया गया है।" तेजस्वी ने सवाल उठाया कि अगर नीतीश कुमार की राज्यसभा जाने की इच्छा थी, तो उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में 20 साल क्यों बिताए और हालिया चुनाव क्यों लड़ा?

बिहार की बदहाली और शिक्षक भर्ती पर घेरा राज्य की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार अब पलायन, अपराध और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन गया है। उन्होंने शिक्षक भर्ती (TRE-4.0) में हो रही देरी को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा, "लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका है। सरकार सिर्फ कुर्सी बचाने के खेल में मशगूल है, जबकि जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का अपमान राज्य की जनता का अपमान है और आने वाले समय में जनता इसका करारा जवाब देगी।


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