ताजा खबर
Jr NTR का ‘NTRNeel’ से फर्स्ट लुक आउट   ||    ‘पति पत्नी और वो 2’ के सेट पर आयुष्मान, सारा, वामिका और रकुल सांग शूट करते नजर आये   ||    ‘जेलर 2’ की शूटिंग पूरी, रजनीकांत के मुथुवेल पांडियन की वापसी पर फैंस का जश्न शुरू   ||    ‘आवारापन 2’ का इमोशनल रिटर्न—इमरान हाशमी ने पोस्टर्स के साथ रिलीज़ डेट की कन्फर्मेशन से बढ़ाया एक्सा...   ||    बिना गोली चलाए चीन की मास्टरस्ट्रोक जीत ईरान-अमेरिका युद्ध से जिनपिंग को मिले 4 बड़े फायदे   ||    भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर वाशिंगटन में मंथन, जल्द मिल सकती है खुशखबरी   ||    यूपी में खिलेगा कमल, सपा का 'टोपी' वाला ढोंग खत्म: बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन का अखिलेश यादव पर तीखा ...   ||    महिला आरक्षण पर बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन, CM योगी बोले कांग्रेस और सपा का चेहरा अलोकतांत्रिक   ||    तेल की जंग में तेहरान की ललकार! प्रतिबंधों पर दी बड़ी धमकी; ‘ईरानी तेल रुका तो दुनिया को भुगतने होंग...   ||    IPL 2026: स्टार गेंदबाजों से सजी मुंबई इंडियंस की 'पेस बैटरी' हुई फेल, आंकड़ों में सबसे फिसड्डी   ||   

रामगढ़ बांध पर कृत्रिम बारिश का ट्रायल मंजूरी के अभाव में अटका, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Monday, August 18, 2025

मुंबई, 18 अगस्त, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। रामगढ़ बांध क्षेत्र में ड्रोन के जरिए कृत्रिम बारिश कराने की योजना फिलहाल डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से मंजूरी के अभाव में अटकी हुई है। ट्रायल के लिए निजी कंपनी जेनेक्स एआई ने 10 हजार फीट तक ड्रोन उड़ाने की अनुमति मांगी है, जबकि अभी केवल 400 फीट तक उड़ान की इजाजत है। इसी कारण बारिश वाले बादलों तक ड्रोन पहुंच नहीं पा रहा है। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने केंद्रीय सिविल एविएशन मंत्री राममोहन नायडू से मिलने का समय मांगा है, ताकि जल्द अनुमति दिलाई जा सके। उनका कहना है कि सितंबर के दूसरे सप्ताह के बाद मानसून लगभग विदा हो जाता है और बारिश वाले बादल मिलना मुश्किल हो जाते हैं। ऐसे में अगर इसी महीने अनुमति नहीं मिली तो पूरा प्रयोग अधर में लटक सकता है। जेनेक्स एआई की टीम पिछले दो सप्ताह से फील्ड में डटी हुई है और मौसम से जुड़े डेटा जुटाने के लिए रोजाना कम ऊंचाई पर ड्रोन उड़ा रही है। कंपनी के अनुसार कृत्रिम बारिश के लिए 60 दिन तक लगातार प्रयोग होने हैं। मंजूरी मिलने के बाद ही ये पूरी तरह शुरू किए जा सकेंगे।

इससे पहले 12 अगस्त को किया गया ट्रायल असफल हो गया था। उस दिन कृषि मंत्री खुद मौजूद थे और बड़ी संख्या में लोग कृत्रिम बारिश देखने पहुंचे थे। भीड़ के कारण ड्रोन उड़ नहीं पाया और बाद में केवल 400 फीट तक ही उड़ाया गया। लेकिन बादल ऊंचाई पर होने से ड्रोन वहां तक नहीं पहुंच पाया और ट्रायल विफल हो गया। रविवार को भी तकनीकी खराबी के कारण एक ड्रोन गांव के पास गिर गया। कंपनी के डायरेक्टर अजिंक्या ने कहा कि इस तरह के प्रयोगों में ऐसी दिक्कतें सामान्य होती हैं। उनका कहना है कि डीजीसीए से मंजूरी मिलते ही 10 हजार फीट तक ड्रोन उड़ाकर कृत्रिम बारिश का असली ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा।


मुज़फ़्फ़रपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. muzaffarpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.