ताजा खबर
Jr NTR का ‘NTRNeel’ से फर्स्ट लुक आउट   ||    ‘पति पत्नी और वो 2’ के सेट पर आयुष्मान, सारा, वामिका और रकुल सांग शूट करते नजर आये   ||    ‘जेलर 2’ की शूटिंग पूरी, रजनीकांत के मुथुवेल पांडियन की वापसी पर फैंस का जश्न शुरू   ||    ‘आवारापन 2’ का इमोशनल रिटर्न—इमरान हाशमी ने पोस्टर्स के साथ रिलीज़ डेट की कन्फर्मेशन से बढ़ाया एक्सा...   ||    बिना गोली चलाए चीन की मास्टरस्ट्रोक जीत ईरान-अमेरिका युद्ध से जिनपिंग को मिले 4 बड़े फायदे   ||    भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर वाशिंगटन में मंथन, जल्द मिल सकती है खुशखबरी   ||    यूपी में खिलेगा कमल, सपा का 'टोपी' वाला ढोंग खत्म: बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन का अखिलेश यादव पर तीखा ...   ||    महिला आरक्षण पर बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन, CM योगी बोले कांग्रेस और सपा का चेहरा अलोकतांत्रिक   ||    तेल की जंग में तेहरान की ललकार! प्रतिबंधों पर दी बड़ी धमकी; ‘ईरानी तेल रुका तो दुनिया को भुगतने होंग...   ||    IPL 2026: स्टार गेंदबाजों से सजी मुंबई इंडियंस की 'पेस बैटरी' हुई फेल, आंकड़ों में सबसे फिसड्डी   ||   

बांग्लादेश की इस सीट पर है हिंदुओं का दबदबा, कट्टर मुस्लिम संगठन ने भी उतारा हिंदू कैंडिडेट

Photo Source :

Posted On:Saturday, December 6, 2025

फरवरी 2026 में होने वाले बांग्लादेश के आम चुनावों की राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। इस चुनावी माहौल में, खुलना-1 सीट देश भर में सबसे ज़्यादा सुर्खियां बटोर रही है। इसकी वजह चौंकाने वाली है: अपनी कट्टर इस्लामिक छवि वाली पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने पहली बार यहां एक हिंदू उम्मीदवार, कृष्णा नंदी, को टिकट दिया है।

यह कदम केवल अप्रत्याशित ही नहीं, बल्कि हिंदू बहुल इस क्षेत्र में बांग्लादेश की राजनीति की दिशा बदलने वाला माना जा रहा है। बांग्लादेश की कुल आबादी में हिंदू समुदाय का हिस्सा लगभग 10% है, लेकिन कई सीटों पर यह समुदाय निर्णायक भूमिका निभाता है।

खुलना-1 सीट पर हिंदू उम्मीदवार क्यों?

जमात का यह फैसला इस सीट की सामाजिक-सांख्यिकीय संरचना (Socio-Demographic Structure) को देखते हुए लिया गया है।

  • हिंदू बाहुल्य क्षेत्र: खुलना-1 की दोनों उपजिलाएं डाकोप और बटियाघाटा एक स्पष्ट हिंदू बाहुल्य क्षेत्र हैं।

  • दशकों का दबदबा: इस क्षेत्र में दशकों से हिंदू नेताओं का ही दबदबा रहा है, और 1996 से लेकर अब तक हर बार इसी समुदाय से सांसद चुना गया है।

जमात-ए-इस्लामी ने इस तथ्य को भांपते हुए, मुस्लिम चेहरे की जगह, एक ऐसे चेहरे पर दांव लगाया जिसकी ग्राउंड लेवल पर मजबूत पकड़ है और जो हिंदू वोट बैंक में पार्टी की नई एंट्री के लिए सही चेहरा हो। यही वजह है कि पहले घोषित उम्मीदवार अबू यूसुफ को बदलकर, कृष्णा नंदी के नाम को मंजूरी दी गई।

कौन हैं कृष्णा नंदी?

कृष्णा नंदी कोई नए राजनीतिक चेहरे नहीं हैं।

  • पार्टी की सदस्यता: वे 2003 से जमात-ए-इस्लामी के सदस्य हैं और उन्होंने $1,000$ टका देकर पार्टी की सदस्यता ली थी।

  • पार्टी में पद: वह डुमुरिया उपज़िला जमात की हिंदू कमेटी के अध्यक्ष भी हैं।

  • पेशेवर पृष्ठभूमि: पेशे से वे एक व्यवसायी हैं और पिछले कुछ महीनों से जमात के मंचों पर सक्रिय रहे हैं।

कट्टर इस्लामिक छवि वाली जमात, अचानक इतनी नरम कैसे?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जमात का यह कदम पूरी तरह से एक नई राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।

  1. वोट बैंक की अस्थिरता: 5 अगस्त के बाद आवामी लीग के प्रतिबंधित होने के चलते, हिंदू वोट अब इधर-उधर झूल रहे हैं। BNP के पास कुछ पकड़ है, लेकिन जमात के लिए यह नया क्षेत्र है जहां उसे अपनी स्वीकार्यता बनानी है।

  2. उदार चेहरा (Liberal Image): जमात खुद को उदार (Liberal) दिखाने की कोशिश में लगी है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, जो खेल अब तक आवामी लीग खेलती रही, अब वही रणनीति जमात ने भी अपना ली है।

  3. पार्टी में बदलाव: जमात की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि पार्टी अपना संविधान बदल चुकी है, जिसमें सभी धर्मों के लोगों को सदस्य बनने की अनुमति दी गई है और अल्पसंख्यकों को नेतृत्व में जगह देने का वादा किया गया है।

खुलना में हाल ही में जमात का हिंदू सम्मेलन, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे, इसी दिशा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। यह कदम यह दिखाता है कि बांग्लादेश की राजनीति अब धार्मिक पहचान के संकीर्ण दायरे से बाहर निकलकर, चुनावी जीत की व्यावहारिक रणनीति पर अधिक केंद्रित हो रही है।


मुज़फ़्फ़रपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. muzaffarpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.