ताजा खबर
महिला आरक्षण पर बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन, CM योगी बोले कांग्रेस और सपा का चेहरा अलोकतांत्रिक   ||    तेल की जंग में तेहरान की ललकार! प्रतिबंधों पर दी बड़ी धमकी; ‘ईरानी तेल रुका तो दुनिया को भुगतने होंग...   ||    IPL 2026: स्टार गेंदबाजों से सजी मुंबई इंडियंस की 'पेस बैटरी' हुई फेल, आंकड़ों में सबसे फिसड्डी   ||    विशाल भारद्वाज ने जयदीप अहलावत को बताया “आज का सबसे बेहतरीन एक्टर, इवेंट में हुआ बड़ा खुलासा   ||    अजय देवगन का इमोशनल पोस्ट वायरल: बेटी न्यासा देवगन को जन्मदिन की बधाई दी   ||    WWE WrestleMania 42 नाइट-2: रोमन रेंस बने नए वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन; ब्रॉक लैसनर ने संन्यास के दिए स...   ||    ‘राजा शिवाजी’ फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ हुआ   ||    कूटनीति पर मंडराया खतरा: ईरान ने अमेरिका पर लगाया 'विश्वासघात' का आरोप, पाकिस्तान की शांति पहल के बी...   ||    अनिल कपूर स्टारर 24 के नए सीजन का ट्रेलर रिलीज़ हुआ   ||    पति पत्नी और वो 2 टीज़र रिलीज़   ||   

भारत में पुतिन के लिए बिछा जो रेड कार्पेट उसे देखकर क्या सोच रहे होंगे डोनाल्ड ट्रंप? समझें

Photo Source :

Posted On:Saturday, December 6, 2025

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रोटोकॉल तोड़कर हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से गले मिलना और रेड कार्पेट स्वागत केवल दशकों पुरानी दोस्ती का इशारा नहीं था। यह एक ऐसा कूटनीतिक दृश्य था जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन शायद सबसे अधिक ध्यान से देख रहा होगा।

ट्रंप प्रशासन ने पिछले कुछ समय से भारत पर इतना अधिक दबाव बनाया है कि पुतिन का यह भव्य स्वागत उनके लिए चेतावनी और सीधे संदेश जैसा हो सकता है।

ट्रंप का दबाव: टैरिफ और बयानबाजी

ट्रंप प्रशासन ने रूस के साथ भारत के संबंधों को लेकर लगातार दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है:

  • टैरिफ की 'सजा': ट्रंप ने भारत पर $\text{50\%}$ तक का टैरिफ लगाया, जिसमें विशेषज्ञों का मानना है कि $\text{25\%}$ टैरिफ तो स्पष्ट रूप से रूस से तेल खरीदने की ‘सजा’ है।

  • आक्रामक बयान: ट्रंप के सलाहकार नवारो ने तो यूक्रेन युद्ध में भारत की स्थिति को लेकर कड़े बयान देते हुए इसे ‘मोदी का युद्ध’ तक कह दिया था।

इन कदमों से ट्रंप यह स्पष्ट करना चाहते थे कि अगर भारत रूस से दूरी नहीं बनाएगा, तो अमेरिका आर्थिक कीमत वसूलेगा। लेकिन पुतिन के भव्य स्वागत ने दुनिया को दिखाया कि भारत बाहरी दबाव में झुकने वाला देश नहीं है, और यही बात ट्रंप प्रशासन को सबसे ज्यादा चुभी होगी।

ट्रंप को आई 'नमस्ते ट्रंप' की याद

पुतिन को भारत में मिला सम्मान, ट्रंप को उस यादगार पल की याद दिला रहा होगा जब उनके लिए भारत में ‘नमस्ते ट्रंप’ जैसा मेगा शो आयोजित किया गया था। तब पीएम मोदी ने ट्रंप को वह इज्जत और मेहमाननवाजी दी थी, जिसके लिए भारत जाना जाता है।

लेकिन ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में रिश्तों में खटास आई। टैरिफ, सख्त वीज़ा नियम, रूस पर खुले लेक्चर और पाकिस्तान को लेकर परेशान करने वाले बयानों ने भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव पैदा किया। और अब, उसी भारत ने पुतिन को वही खास तवज्जो देकर यह सिद्ध कर दिया है कि भारत दोस्ती अपनी शर्तों पर करता है, दबाव में नहीं। यह संकेत ट्रंप की 'पहले अमेरिका' वाली विदेश नीति को चुनौती देता है।

पुतिन ने भी साधा निशाना

पुतिन का यह स्वागत देखकर ट्रंप निश्चित रूप से यह सोच रहे होंगे कि उनकी आर्थिक दबाव की रणनीति कहाँ गलत हो गई। उन्हें उतनी कामयाबी नहीं मिली, जितनी की उम्मीद थी। बल्कि दबाव का असर उल्टा हुआ और भारत रूस से ज्यादा करीब हो गया।

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के एक पूर्व अधिकारी ने तो यहाँ तक तंज किया कि भारत-रूस को इतना करीब लाने के लिए ट्रंप जिम्मेदार हैं और उन्हें नोबेल मिलना चाहिए।

भारत आने से पहले पुतिन ने भी ट्रंप की नीति को कमजोर करते हुए कहा था कि अमेरिका खुद रूस से न्यूक्लियर फ्यूल लेता है, तो भारत पर तेल खरीद की रोक क्यों लगाई जा रही है? पुतिन की यह यात्रा, ट्रंप प्रशासन को यह सोचने पर मजबूर करती है कि भारत को झुकाने की नीति सफल नहीं होगी, और केवल साझेदारी की नीति ही काम आएगी।


मुज़फ़्फ़रपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. muzaffarpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.