ताजा खबर
रिहाना की भारत में धमाकेदार वापसी, मुंबई एयरपोर्ट पर दिखा ग्लोबल स्टार का जलवा   ||    ईद 2027 पर सलमान खान का बड़ा दांव, SVC63 से बनेगा मेगा ब्लॉकबस्टर प्लान   ||    अनुपम खेर ने याद किया माइकल जैक्सन संग खास पल, बोले- “वो सिर्फ कलाकार नहीं, एक एहसास थे”   ||    ‘किंग’ का टीजर रिलीज: शाहरुख खान की दहाड़ इस क्रिसमस मचाएगी तहलका   ||    कच्चे तेल में उबाल $103 के पार पहुँचा ब्रेंट क्रूड, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट   ||    ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की 'रहस्यमयी' चुप्पी गंभीर चोटों और सर्जरी के बीच IRGC ने संभ...   ||    युद्ध के खर्च ने रूस को सोना बेचने पर किया मजबूर बजट घाटे को पाटने के लिए पुतिन सरकार ने खंगाला खजान...   ||    ‘अमेरिका में भारत को लेकर गलत धारणाएं’, वाशिंगटन में बोले RSS महासचिव दतात्रेय होसबोले   ||    नोएडा में आतंकी साजिश नाकाम UP ATS ने दबोचे ISI के दो 'स्लीपर सेल' ग्रेनेड हमले की थी तैयारी   ||    कमाई में डॉ. आंबेडकर नगर एक्सप्रेस का जलवा वंदे भारत और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनें पछाड़ीं   ||   

‘अमेरिका में भारत को लेकर गलत धारणाएं’, वाशिंगटन में बोले RSS महासचिव दतात्रेय होसबोले

Photo Source :

Posted On:Friday, April 24, 2026

वॉशिंगटन डीसी के हडसन इंस्टीट्यूट में एक संबोधन के दौरान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने भारत-अमेरिका संबंधों और भारत की वैश्विक छवि पर बेबाक राय रखी। उन्होंने पश्चिमी जगत में भारत को लेकर बनी पुरानी और नकारात्मक धारणाओं पर कड़ा प्रहार किया। होसबोले ने स्पष्ट किया कि अमेरिका में अभी भी कई लोग भारत को केवल गरीबी, झुग्गियों और 'सांप-सपेरों' के देश के रूप में देखते हैं, जबकि हकीकत में भारत एक ग्लोबल टेक हब और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

नैरेटिव बनाम वास्तविकता

होसबोले ने इस बात पर चिंता जताई कि भारत के खिलाफ जानबूझकर एक नकारात्मक नैरेटिव सेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को 'हिंदू वर्चस्ववादी', 'अल्पसंख्यक विरोधी' और 'महिला विरोधी' बताना पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, भारत में हो रहे सकारात्मक बदलावों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरएसएस के लिए 'हिंदू' शब्द किसी संकुचित धार्मिक दायरे का नहीं, बल्कि एक सभ्यतागत पहचान (Civilisational Identity) का प्रतीक है, जो सभी को साथ लेकर चलने की संस्कृति सिखाती है।

पड़ोसी देशों और रणनीतिक साझेदारी पर रुख

विभाजन के बाद पड़ोसी देशों के साथ उपजे तनाव पर बात करते हुए होसबोले ने कहा कि समस्या मुख्य रूप से उस एक देश के साथ है जो भारत की कोख से ही जन्मा था। उन्होंने आपसी बातचीत और भरोसे को बहाल करने पर जोर दिया। अमेरिका के साथ भविष्य के रिश्तों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका भारत के साथ एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी चाहता है, तो उसे 'समान अवसर' और 'आपसी विश्वास' के सिद्धांत पर काम करना होगा। उन्होंने अल्पसंख्यकों के साथ आरएसएस के संवाद को रेखांकित करते हुए कहा कि गलतफहमियां केवल निरंतर बातचीत से ही दूर की जा सकती हैं।


मुज़फ़्फ़रपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. muzaffarpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.